उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक अदालत ने एक पिता को अपनी सगी बेटी के साथ दुष्कर्म के आरोप में 20 साल की कठोर सजा सुनाई है। इसके साथ ही, उसे 60 हजार रुपये का जुर्माना भी भरना होगा। अदालत ने आरोपी को पीड़िता के साथ यौन उत्पीड़न, गाली-गलौज और धमकाने के लिए दोषी ठहराया।
यदि आरोपी जुर्माना अदा नहीं कर पाता है, तो उसे 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
मामले का विवरण
अभियोजन पक्ष के अनुसार, सारनाथ थाना क्षेत्र के दानियालपुर निवासी अनुराग गुप्ता की पत्नी की 2010 में मृत्यु हो गई। इसके बाद उसने दूसरी शादी की। उसकी पहली पत्नी से 13 वर्षीय बेटी थी, जिसका पालन-पोषण उसकी मौसी ने किया। लेकिन बाद में, पिता ने नाबालिग बेटी को जबरदस्ती अपने पास ले लिया।
30 मार्च 2019 को, पिता की दूसरी पत्नी के साथ झगड़ा हुआ, जिसके बाद वह अपने बच्चों को लेकर मायके चली गई। उस रात, आरोपी शराब के नशे में घर आया और अपनी बेटी के साथ छेड़छाड़ करने लगा। लड़की ने मदद के लिए चिल्लाई, लेकिन कोई नहीं आया। अंततः, पिता ने उसके साथ बलात्कार किया। लड़की ने बाद में अपनी मौसी को इस घटना के बारे में बताया। 2 अप्रैल 2019 को सारनाथ थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। अब अदालत ने सजा का ऐलान किया है।