US Student Deportation: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार विदेशी छात्रों पर सख्ती कर रही है, जिससे अमेरिकी कॉलेज काफी ज्यादा चिंतित हैं। कॉलेजों का कहना है कि ट्रंप सरकार विदेशी छात्रों को देश से बाहर निकालने के लिए नए तरीकों को अपना रही है। अस्पष्ट कारण बताकर उन्हें बाहर किया जा रहा है। कॉलेज अधिकारियों का कहना है कि सरकार के इस नए रवैये के चलते विदेशी छात्र देश में पढ़ने नहीं आएंगे। जिन छात्रों का वीजा रद्द हो रहा है, उन्हें गृह मंत्रालय तुरंत देश छोड़ने का आदेश दे रहा है। दरअसल, पहले ऐसी स्थिति में छात्रों के पास अपनी पढ़ाई पूरी करने का ऑप्शन होता था। कुछ छात्रों पर फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन करने को लेकर कार्रवाई हुई है, जबकि कुछ को सिर्फ ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने के लिए भी निशाना बनाया गया है। ऐसे भी छात्र हैं, जिन्हें समझ नहीं आ रहा है कि उन पर किस वजह से कार्रवाई हुई है। जिन छात्रों ने प्रदर्शनों में हिस्सा नहीं लिया था, उनका भी वीजा रद्द हुआ है और इसकी वजह भी नहीं बताई गई है। कुल मिलाकर विदेशी छात्रों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। बिना कोई वजह रद्द किए जा रहे स्टूडेंट वीजामिनेसोटा स्टेट यूनिवर्सिटी, मैनकाटो के अध्यक्ष एडवर्ड इंच ने बताया कि 5 विदेशी छात्रों के वीजा बिना किसी स्पष्ट कारण के रद्द कर दिए गए। उन्होंने कहा कि स्कूल अधिकारियों को वीजा रद्द होने की जानकारी तब मिली जब उन्होंने मिनीपोलिस में मिनेसोटा यूनिवर्सिटी में तुर्की के एक छात्र की गिरफ्तारी के बाद विदेशी छात्रों के डेटाबेस में स्टेटस चेक किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि शराब पीकर गाड़ी चलाने के आरोप में छात्रों को गिरफ्तार किया गया। इंच ने कहा, "ये मुश्किल समय हैं और ऐसी स्थिति पहले कभी नहीं आई।" चुनावी वादा पूरा कर रहे डोनाल्ड ट्रंपराष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव प्रचार के दौरान फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शनों में शामिल विदेशी छात्रों को डिपोर्ट करने का वादा किया था। संघीय एजेंटों ने कोलंबिया यूनिवर्सिसटी के छात्र महमूद खलील को हिरासत में लेकर इसकी शुरुआत की। खलील ग्रीन-कार्ड होल्डर और फिलिस्तीनी कार्यकर्ता हैं। वे पिछले साल कोलंबिया में हुए प्रदर्शनों में शामिल थे। विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पिछले हफ्ते कहा कि छात्रों को प्रदर्शनों में शामिल होने और संभावित आपराधिक गतिविधियों के कारण निशाना बनाया जा रहा है। किन यूनिवर्सिटी के छात्रों पर अभी तक हुआ एक्शनपिछले दो हफ्तों में, सरकार ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। देश भर के कॉलेजों के अधिकारियों ने पाया है कि विदेशी छात्रों के एंट्री वीजा रद्द कर दिए गए हैं। कई मामलों में अधिकारियों ने बिना किसी सूचना के उनकी कानूनी रेजिडेंसी स्टेटस भी खत्म कर दी है। एरिजोना स्टेट, कॉर्नेल, नॉर्थ कैरोलिना स्टेट, ओरेगन यूनिवर्सिटी, टेक्सास यूनिवर्सिटी और कोलोराडो यूनिवर्सिटी के छात्रों के साथ ऐसा हुआ है। कुछ छात्र खुद ही देश छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन टफ्ट्स और अलबामा यूनिवर्सिटी के छात्रों को आव्रजन अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया है। टफ्ट्स के मामले में, यूनिवर्सिटी को छात्र की कानूनी स्थिति बदलने के बारे में पता चलने से पहले ही उसे हिरासत में ले लिया गया था।
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