एक हालिया अध्ययन ने वैज्ञानिकों और उन लोगों को चौंका दिया है, जो च्युइंग गम (Chewing Gum) खाते हैं। कई लोग तो आदत से मजबूर होकर पूरे दिन च्युइंग गम चबाते रहते है, लेकिन ऐसा करना उनकी सेहत पर कई निगेटिव असर डाल सकता है।जी हां, अध्ययन में सामने आया है कि च्युइंग गम लार में सैकड़ों से हजारों माइक्रोप्लास्टिक्स छोड़ सकता है, जिसे आप अंदर निगल सकते हैं, जिससे नुकसान हो सकते हैं।यह शोध सैन डिएगो, सीए में अमेरिकन केमिकल सोसाइटी की स्प्रिंग मीटिंग में प्रस्तुत किया गया, जो अब तक किसी पत्रिका में प्रकाशित नहीं हुआ है। आइए जानते हैं किस तरह से माइक्रोप्लास्टिक्स सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं।
क्या है वैज्ञानिकों का दावा?
शोधकर्ताओं नेइस स्टडी में पांच प्रकार के सिंथेटिक च्युइंग गम और पांच प्रकार के नेचुरल च्युइंग गम की जांच की थी। जिसमें पाया गया कि औसतन प्रति ग्राम च्युइंग गम से सैकड़ों से हजारों माइक्रोप्लास्टिक्स निकलते हैं और हैरान करने वाली बात ये रही कि सिंथेटिक और प्राकृतिक दोनों ही तरह के च्युइंग गम में एक समानमाइक्रोप्लास्टिक थे। साथ हीएक ही प्रकार के पॉलिमर्स थे।
माइक्रोप्लास्टिक के नुकसान

सबसे पहले तो आपको ये बता दें कि मनुष्य केवल च्युइंग गम से ही नहीं बल्कि कई अन्य तरह से भी माइक्रोप्लास्टिक्स के संपर्क में आते हैं। जैसे कि विभिन्न प्लास्टिक प्रोडक्ट्स का उपयोग करके और पर्यावरण में प्रवाहित पेंट के टुकड़ों के संपर्क में आने से। यह आपके स्वास्थ्य पर कई तरह से निगेटिव असर डाल सकते हैं, जैसे कि:-
श्वसन और हृदय पर असर
NCBIकी रिपोर्टके मुताबिक, एक अध्ययन में सामने आया कि वातावरण में माइक्रोप्लास्टिक मौजूद होने के चलते मनुष्य सांस के जरिए माइक्रोप्लास्टिक के संपर्क में आ सकते हैं। हवा में माइक्रोप्लास्टिक की कम सांद्रता के दीर्घकालिक संपर्क से व्यक्ति की संवेदनशीलता और कण विशेषताओं के आधार पर श्वसन (Respiratory Diseases) और हृदय संबंधी रोग(Cardiovascular Diseases)हो सकते हैं।
पाचन और इम्यूनिटी को होने वाले प्रभाव
सेलुलर और पशु एक्सपेरीमेंट्स के परिणामों से पता चला है कि माइक्रोप्लास्टिक मानव शरीर में पाचनऔर इम्यून सिस्टम सहित विभिन्न सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। माइक्रोप्लास्टिक आंतों के माइक्रोबायोम में परिवर्तन का कारण बन सकता है,जिसके परिणामस्वरूप लाभकारी और हानिकारक बैक्टीरिया के बीच असंतुलन हो सकता है,जिससे कई तरह के जठरांत्र संबंधी लक्षण (Gastrointestinal Symptoms) हो सकते हैं,जैसे पेट में दर्द,सूजन औरBowelकी आदतों में बदलाव।
प्रजनन पर असर
इसके अलावा माइक्रोप्लास्टिक्स आपके प्रजनन पर भी असर डाल सकते हैं। इससे कई प्रजनन संबंधी विकार (Reproductive Disorders) बांझपन,गर्भपात और जन्मजात विकृतियां हो सकती हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। एनबीटी इसकी सत्यता, सटीकता और असर की जिम्मेदारी नहीं लेता है।
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